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हरिद्वार कुंभ में पधारे बावन भगवान! लंबाई 18 इंच, उम्र 55 साल

धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित हो रहे महाकुम्भ 2021 मेले में नागा साधु-संतों के अनोखे रूप देखने को मिल रहे हैं। हरिद्वार कुम्भ मेले में इस बार जहां नागा साधु-संत अपनी सालों की तपस्या, आराधना और तेज से लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं, तो वहीं हरिद्वार में एक संत ऐसे भी हैं जिनकी कद-काठी श्रद्धालुओं के लिए चर्चा और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।हम बात कर रहे हैं, जूना अखाड़े के नागा संन्‍यासी स्वामी नारायण नंद की, जिनकी ऊंचाई मात्र 18 इंच है और वजन सिर्फ 18 किलो। कहा जा रहा है कि नागा संन्‍यासी स्वामी नारायण नंद दुनिया के सबसे छोटे नागा संन्‍यासी भी हैं। हरिद्वार में जिस श्रद्धालु की नज़र स्वामी नारायण नंद पर पड़ती है वह श्रद्धालु स्वामी नारायण नंद की ओर आकर्षित हो जाता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करता है।

स्वामी नारायण नंद 55 साल के हैं और वह मध्य प्रदेश के झांसी के रहने वाले हैं। नागा संन्‍यासी बनने से पहले उनका नाम सत्यनारायण पाठक था और वह साल 2010 के कुम्भ मेले में जूना अखाड़े में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने नागा संन्‍यासी की दीक्षा प्राप्त की। संन्‍यासी दीक्षा लेने के बाद सत्यनारायण पाठक का नाम नारायण नंद महाराज हो गया और तब से ही वह भगवान शिव की भक्ति में लीन हैं।


स्वामी नारायण नंदा चलने में असमर्थ हैं और उन्हें दैनिक कार्यों के लिए सहायक की भी आवश्यकता है। वह केवल भोजन में दूध और एक रोटी खाता है, लेकिन पूरी निष्ठा के साथ भजन गाता है।

स्वामी नारायण नंद ने बताया कि, “हमारा नाम नारायण नंद बावन भगवान है। हम जूनागढ़ के नागा बाबा हैं। जब 2010 में कुंभ हुआ था, तब हम नागा बने थे। मैं झाँसी से हूँ। अब बलिया जिले में उनके गुरु के बगल में बलिया है।” हमारे गुरुजी का नाम गंगा नंद दास और गंगा नंद जी का गुरु का नाम आनंद गिरि है। ’’ उन्होंने आगे कहा कि आनंद गिरि के गुरु का नाम हरि गिरि है। मैं 55 साल का हूं और झांसी में पैदा हुआ हूं।

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