पापा हैं जज के ड्राइवर, बेटी ने सिविल जज परीक्षा में मारी बाजी, हासिल की 7वीं रैंक

दोस्तों अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो, तो लाखों मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक सकती। नीमच की वंशिता ने ऐसा ही एक प्रण लिया था, जिसे उन्होंने न केवल पूरा किया बल्कि अपने परिवार के साथ ही प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। वंशिता ने पहले ही प्रयास में सिविल जज की परीक्षा उत्तीर्ण की और सातवीं रैंक हासिल की। वंशिता के पिता अरविंद गुप्ता जावद में जज के ड्राइवर हैं। बेटी ने सिविल जज की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर पिता का सर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

नीमच की वंशिता के साथ ही जिले की एक और बेटी ने सिविल जज की परीक्षा पास की है। दुर्गा ने दूसरे प्रयास में सिविल जज की परीक्षा में सफलता हासिल की है। दुर्गा के पिता पुस्तक विक्रेता हैं। वंशिता और दुर्गा ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को दिया है। दोनों ही बेटियों ने कड़ी मेहनत और लगन से परीक्षा में सफलता अर्जित कर अपनी मंजिल पाई है। प्रदेश के न्यायालय में रिक्त 252 पदों के लिए लिखित परीक्षा मार्च में हुई थी, जिसमें देश भर के 350 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें नीमच शहर की दो बेटियों का भी चयन हुआ है।

वंशिता गुप्ता के दादा रमेशचंद गुप्ता भी न्यायालय में ग्रेड-1 रीडर थे। सेवानिवृत्ति के बाद वर्तमान में मंदसौर में वकालत कर रहे हैं। वहीं, पिता अरविंद गुप्ता वर्तमान में जिला कोर्ट में लघु वेतन कर्मचारी (ड्राइवर) हैं। वहीं, वंशिका की मां स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि वंशिका बचपन से ही घर में कोर्ट-कचहरी की बातें सुनती आ रही है।

पिता को मेहनत करते हुए देखती थी तो उसको महसूस होता था कि जीवन में कुछ करना है। मां ने कहा कि बचपन से ही उसकी इच्छा थी कि जज बने। पापा उससे अक्सर कहा करते थे कि बेटी ऐसा काम करना, जिससे तुम्हारे कारण मेरी पहचान हो। इसे वंशिका गुप्ता ने साबित कर दिखाया है। वंशिका के घर पर अब बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। वंशिका परिवार जावद में रहता है।

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