ईशान किसान ने कैसे की अपनी शुरुआत और कैसे मिला भारतीय क्रिकेट में इनको मौका

दोस्तों IPL Auction 2022 के मेगा ऑक्शन के पहले दिन ईशान किशन को मुंबई इंडियंस ने 15.25 करोड़ रुपए में खरीदा. इसी के साथ वो आईपीएल ऑक्शन इतिहास के दूसरे सबसे महंगे भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं. वहीं अभी भी युवराज सिंह पहले नंबर पर बने हुए हैं. युवराज को 2015 में दिल्ली कैपिटल्स ने 16 करोड़ रुपये में खरीदा था.ईशान किशन की ज़िन्दगी से जुड़े कई किस्से दिलचस्प हैं. कहते हैं वो बचपन में बैट-बॉल अपने साथ लेकर सोते थे. क्रिकेट के जुनून की वजह से उन्हें स्कूल से भी निकाल दिया गया था. आज ईशान अपनी मेहनत के दम पर शानदार क्रिकेटर्स में शुमार हैं. क्रिकेट जगत में उनका नाम एक चमकते सितारे की तरह है. वो अपने लंबे-लंबे छक्कों से क्रिकेट फैन्स का दिल जीतने के लिए भी जाने जाते हैं.बिहार के पटना में 18 जुलाई 1998 को ईशान किशन का जन्म हुआ. इनके पिता प्रणव पाण्डेय एक बिल्डर हैं. ईशान के बड़े भाई राज किशन भी स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेल चुके हैं. वहीं ईशान को बचपन से ही क्रिकेट में बड़ी दिलचस्पी थी. जब भी उन्हें थोड़ा समय भी मिलता वो क्रिकेट खेलने चले जाते. उनके माता-पिता ने बेटे को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए पटना के सबसे बड़े स्कूल डीपीएस में दाखिला करवाया था.

मां सुचिता सिंह बेटे को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाना चाहती थीं. लेकिन, ईशान का पढ़ाई में मन जरा से भी नहीं लगता था. वो क्लास के दौरान अपनी कॉपी में क्रिकेट संबंधी चित्र बनाते थे. उनके क्रिकेट खेलने को लेकर मां अक्सर उन्हें डांट लगाती थीं. पढ़ाई में कमज़ोर होने की वजह से उन्हें स्कूल से भी निकाल दिया गया. ईशान बचपन से ही हर वक़्त क्रिकेट के बारे में ही सोचते थे.बेटे में क्रिकेट के जुनून को देखते हुए पिता ने उन्हें क्रिकेटर बनाने का फैसला लिया. वहीं उनके बड़े भाई ने भी उनको बहुत सपोर्ट किया. लेकिन, ईशान की मां नहीं चाहती थी कि बेटा क्रिकेटर बने. जिसके लिए वो पूजा पाठ भी करती थीं. हनुमान चालीसा का भी पाठ अपने घर पर कराती. बावजूद इसके ईशान पर इसका कोई असर नहीं हुआ. वो बाहर क्रिकेट खेलने के अलावा घर में भी दिन-रात क्रिकेट के ही बारे में बातें किया करते थे. वहीं ईशान के पिता प्रणव बताते हैं कि ईशान जब दो साल का था तो वो बैट और गेंद अपने साथ लेकर सोता था.

खैर, ईशान ने छोटी उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया. महज सात साल की उम्र में ईशान यूपी के अलीगढ़ में स्कूल वर्ल्डकप टूर्नामेंट में अपनी स्कूल का प्रतिनिधित्व किया था. वे अपने बड़े भाई के साथ भी क्रिकेट खेलते थे. स्कूल से निकाले जाने के बाद उनके भाई ने ही उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनको क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इसके लिए पिता को भी राजी किया. ईशान को बचपन में उत्तम मजूमदार के रूप में कोच का साथ मिला. जिन्होंने उन्हें क्रिकेट की बेसिक के बारे में सिखाया. उन दिनों वे बिहार क्रिकेट एशोसिएशन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे थे. पिता उन्हें प्रतिदिन मोइनुल हक़ स्टेडियम लेकर जाते. जहां ईशान जमकर मेहनत करते थे. फिर उन्हें कोच सतोष कुमार का साथ मिला. जो पटना के वाईसीसी क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग दिया करते थे.

India’s Ishan Kishan celebrates after scoring a double-century during the third one day international cricket match between Bangladesh and India in Chittagong, Bangladesh, Saturday, Dec. 10, 2022. (AP Photo/Surjeet Yadav)

उन्होंने ईशान किशन की क़ाबलियत को पहचाना और उनको तराशा. उन्होंने ईशान को क्रिकेट के बारीकियों को सिखाया. उन्होंने ईशान को एक शानदार विकेटकीपर बल्लेबाज बनाने में अहम भूमिका निभाई. कोच संतोष ने एक इंटरव्यू के दौरान ईशान को मौजूदा समय में सबसे फुर्तीला विकेट कीपर्स में से एक कहा था. उन्होंने ईशान की तुलना दिग्गज धोनी और एडम गिलक्रिस्ट से की थी.जब BCCIने किन्ही कारणों से बिहार क्रिकेट एशोसिएशन की मान्यता रद्द कर दी. बिहार में खेल रहे कई खिलाड़ियों का सपना टूट गया था. तब ईशान के कोच संतोष कुमार ने उनके पिता से बेटे को दूसरे स्टेट झारखंड भेजने की सलाह दी. कोच की सलाह पर पिता ने ईशान को रांची भेजने का फैसला लिया. ईशान भी अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए कोच की सलाह को माना.

 

ईशान झारखंड के रांची चले गए. वहां उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की नई शुरुआत की. ईशान ने कड़ी मेहनत और अपनी लगन से झारखंड की रणजी टीम में जगह बनाई. दिसंबर 2014 में असाम के खिलाफ ईशान ने अपने पहले प्रथम श्रेणी मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 60 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी. रणजी मैचों में शानदार खेल दिखाने का फल ईशान को मिला. साल 2015 में उन्हें अंडर-19 विश्वकप 2016 के लिए न सिर्फ भारतीय टीम में शामिल किया गया, बल्कि उन्हें टीम का कप्तान भी नियुक्त किया गया. अंडर-19 विश्वकप के दौरान ईशान का बल्ला भले ही खामोश रहा हो. लेकिन उनकी कप्तानी में भारतीय टीम फाइनल तक का सफर तय की थी. फाइनल में उसे वेस्टइंडीज के सामने हार का सामना करना पड़ा था.

 

इस विश्वकप में ऋषभ पंत उनके साथ ओपनिंग बल्लेबाज की भूमिका निभाई थी. बहरहाल विश्वकप के बाद ईशान ने एक बार फिर घरेलू मैचों में शानदार बल्लेबाजी के दम पर अपनी प्रतिभा का लोहा हर किसी को मनवाया. साल 2016 के अंत में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रणजी के एक मैच में दिल्ली के खिलाफ 273 रन की पारी खेली. जो स्टेट के किसी भी खिलाड़ी के सर्वोच्च स्कोर था.ईशान ने उस पारी में 21 चौके के साथ 14 बड़े बड़े छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी ने क्रिकेट दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा. उस समय उन्हें धोनी की जगह भविष्य में टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में देखा जाने लगा. वहीं आईपीएल फ्रेंचाईजियों का भी ध्यान उनकी तरफ गया. साल 2016 में ईशान को क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय लीग आईपीएल में खेलने का मौका मिला.

 

गुजरात लायंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था. इस साल ईशान ने बहुत छोटे-छोटे स्कोर बनाए थे. लेकिन उनके शॉट और खेलने के अंदाज से सभी प्रभावित हुए थे. उन्होंने उस साल 5 मैचों में 42 रन ही बना सके थे. साल 2017 में फिर गुजरात की तरफ से आईपीएल में खेले. इस साल ईशान ने अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाया. उन्होंने 11 मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 277 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट भी 134 से अधिक था. दो साल के बाद गुजरात की टीम को समाप्त कर दिया गया. लेकिन ईशान को कई फ्रेंचाईजी खरीदना चाहती थी. लेकिन 2018 में मुंबई ने ईशान को 5.5 करोड़ रूपये की मोटी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया. उन्होंने अपनी टीम के फैसले को सही साबित किया और 14 मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 275 रन बनाए, जिसमें 2 अर्धशतक भी शामिल हैं.

 

इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 150 के करीब था. अगले साल 2019 में मुंबई ने इन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए. इनका प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा. 7 मैचों में ईशान ने 101 रन ही बनाए थे. वहीं. आईपीएल 2020 के सीजन 13 में भी मुंबई ने इन्हें शुरूआती मैच में खेलने का मौका नहीं दिया. लेकिन जब इन्हें मुंबई ने इस साल पहली बार आरसीबी के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया.तब उन्होंने संकट के समय ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंद में 99 रनों की शानदार पारी खेली. फिलहाल इस मैच में सुपर ओवर में आरसीबी को जीत मिली थी. लेकिन ईशान ने अपनी जगह टीम में पक्की कर ली. पिछसे सीजन में भी ईशान ने कई बड़ी पारियां खेलीं और मुंबई इंडियन को अच्छी स्थिति में पहुंचाया. उम्मीद है आगामी आईपीएल में भी वो धमाल मचाएंगे.

Related Posts