सयाजी शिंदे की खूबसूरत पत्नी अलका की खुबसूरती के आगे फेल है मलाइका की अदाएं, सुंदरता की है जीती जागती मिसाल

दोस्तों मराठी सिनेमा में भी सयाजी शिंदे का बड़ा नाम है। लेकिन सयाजी शिंदे का फिल्मी सफर और निजी जीवन बहुत मुश्किलों भरा रहा। पर मुश्किलों के उस समंदर को पार कर जिस तरह सयाजी ने आउडसाइडर होने के बावजूद सिनेमा की दुनिया में पहचान बनाई, वह बेहद इंस्पायरिंग है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ‘मंडे मोटिवेशन’ सीरीज में हम आपको सयाजी शिंदे की यही कहानी बताने जा रहे हैं। एक चौकीदार की नौकरी करने वाला मामूली इंसान कैसे फिल्मी दुनिया में चमका, वह वाकई एक मिसाल है।

सयाजी शिंदे का जन्म महाराष्ट्र के दूरस्थ इलाके वेलेकाम्ठी में एक किसान परिवार में हुआ था। गांव जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ था। सयाजी शिंदे ने एक इंटरव्यू में बताया था कि रोजी-रोटी के लिए किस तरह उनके मां-बाप और अन्य गांववालों को सुबह से लेकर दिन छुपने तक खेतों में खपना होता। लेकिन घरवालों ने सयाजी शिंदे की पढ़ाई पर असर नहीं पढ़ने दिया। सयाजी शिंदे ने मराठी में बीए किया। पढ़ाई के साथ-साथ ही सयाजी शिंदे वॉचमैन की नौकरी करने लगे।

सयाजी शिंदे की पहली नौकरी एक वॉचमैन यानी चौकीदार की थी, जो महाराष्ट्र गवर्मेंट इरिगेशन डिपार्टमेंट में लगी थी। सयाजी शिंदे पढ़ाई भी करते और फिर चौकदार की नौकरी भी करते। इसके लिए उन्हें महीने के सिर्फ 165 रुपये मिलते थे। कुछ समय बाद सयाजी शिंदे को वहीं पर एक क्लर्क की नौकरी मिल गई और वह उसमें रम गए। सयाजी शिंदे को ड्रामा का भी शौक था, इसलिए शौकिया तौर पर नौकरी के साथ ड्रामा भी करना शुरू कर दिया। लेकिन सयाजी शिंदे ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन एक्टिंग करेंगे।

बाद में सयाजी शिंदे एक कोऑपरेटिव बैक में नौकरी करने लगे। बैंक में सयाजी शिंदे ने 17 साल तक काम किया। लेकिन काम के साथ ड्रामा भी चालू रहा। यही शौक सयाजी शिंदे को बाद में मुंबई ले आया। सयाजी शिंदे मुंबई नगरी में एक्टर बनने के हसीन सपने लेकर आए थे। वह कोई हीरो या कोई विलेन नहीं बनना चाहते थे। सयाजी शिंदे ने कुछ महीने पहले ‘आइडल ब्रेन’ को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘जब मैं इंडस्ट्री में आया था तो मैं कोई ऐसा सोचकर नहीं आया था कि एक हीरो बनूंगा। मैंने कभी इमेज बनाने के बारे में नहीं सोचा था। मैं बस एक कलाकार बनना चाहता था। अभी भी करोड़ों लोग हैं, जो मुझसे ज्यादा टैलेंटेड हैं। पर उन्हें चांस नहीं मिला। मेरे लिए हर फिल्म में हर किरदार जरूरी है। अगर मैं किसी फिल्म में विलेन बनता हूं तो चाहता हूं कि लोग विलेन ही मानें।

सयाजी शिंदे ने ‘शूल’, ‘खिलाड़ी 420’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘कर्ज’, ‘रोड’, ‘अंश’, ‘वास्तुशास्त्र’, ‘ये मेरा इंडिया’ और ‘सरकार राज’ जैसी कई हिंदी फिल्में कीं। साल 2021 में वह सलमान खान स्टारर ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ में हेड कॉन्स्टेबल के रोल में नजर आए थे। सयाजी शिंदे ने तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और भोजपुरी भाषा की ढेरों फिल्मों में काम किया। चूंकि सयाजी शिंदे किसान परिवार से रहे हैं, इसलिए वह हमेशा से पेड़ लगाने पर जोर देते आए हैं। वह अब तक 25 हजार से भी ज्यादा पेड़ लगा चुके हैं। वह एक फिल्म प्रोड्यूसर भी हैं। सयाजी शिंदे हाल ही चिरंजीवी की फिल्म ‘गॉडफादर’ में नजर आए। दोस्तों अभी के समय में सयाजी अपनी पत्नी को लेकर काफी चर्चा में है सयाजी शिंदे की खूबसूरत पत्नी अलका शिंदे को जिसने भी देखा है तो वह अपने होश खोने लगा है और यह कहता नजर आ रहा है कि सयाजी शिंदे की पत्नी तो इतनी ज्यादा खूबसूरत है कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री की कोई अभिनेत्री उनके आगे नहीं खड़ी हो सकती। लोगों की यह बात बहुत हद तक सच भी है क्योंकि सादगी में भी उनकी खूबसूरत पत्नी अलका ऐसी चमक बिखेरती है कि हर कोई दीवाना हो जाता है।अलका शिंदे की सबसे खास बात जो है वह यह है कि वह सादगी में रहने में यकीन करती हैं और अपने पति के साथ बहुत कम मौके पर उन्हें किसी फिल्म के समारोह में देखा जाता है। जो कोई भी उन्हें मराठी अवतार में देखता है तो यही कहता है कि इनकी अदाएं तो बॉलीवुड की दूसरी सभी अभिनेत्रियों से कहीं ज्यादा खूबसूरत है हालांकि सादगी में भी वह बेहद कमाल की लगती है जिसकी वजह से लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं

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