ट्रैन लेट हुई तो छूट गयी फ्लाइट ,रेलवे की तरफ से भुगतान में दी इतनी बड़ी धन राशि

आए दिन अखबारों में भारतीय रेलवे से जुड़ी हुई अनेकों खबरें सुनाई देती है जैसे रेलों और प्लेटफार्म की साफ सफाई नियमित रूप से नहीं की जा रही है. और रेलवे द्वारा अपने यात्रियों को दिया हुआ भोजन, पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. और इन सभी के बीच एक और खबर आ रही है कि ट्रेन के लेट होने की वजह से, एक यात्री को बहुत बड़ा नुकसान हो चुका है. इतने बड़े नुकसान को झेलने के बाद यात्री ने आग बबूला होकर भारतीय रेलवे विभाग की शिकायत उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम करवा दी है. इस आर्टिकल में हम आपको उस व्यक्ति के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं जिसने भारतीय रेलवे विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है.


हमारे भारत में अनेकों बार ट्रेन लेट हो जाती है लेकिन इसका पूरा नुकसान यात्री को उठाना पड़ता है.लेकिन 4 घंटे ट्रेन लेट होने की वजह से, एक शख्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. जिस यात्री ने रेलवे विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है उसे अजमेर जम्मू एक्सप्रेस से जम्मू जाना था. लेकिन 4 घंटे ट्रेन लेट होने से उसकी फ्लाइट छूट गई. यात्री को अजमेर जम्मू एक्सप्रेस से जम्मू उतरकर श्रीनगर के लिए फ्लाइट लेनी थी. लेकिन फ्लाइट छूटने की वजह से उस व्यक्ति को कश्मीर के लिए एक टैक्सी लेनी पड़ी और उस टैक्सी का किराया उसे ₹15000 देना पड़ा.

उस यात्री ने पहले से जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर मे डल झील में शिकारा की बुकिंग करवा रखी थी. बुकिंग के लिए उसने ₹10000 रुपए का भुगतान किया है. लेकिन अजमेर जम्मू एक्सप्रेस ट्रेन के लेट होने की वजह से सभी नुकसान उस यात्री को झेलना पड़ा. इतने बड़े नुकसान को झेलने के बाद यात्री ने रेलवे के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण को शिकायत दर्ज की है. जिला उपभोक्ता निवारण ने यात्री की शिकायत को दर्ज करते हुए , भारतीय रेलवे विभाग को यात्री के नुकसान का पूरा मुआवजा देने को कहा है.

इसी के साथ भारत की राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण ने भी यात्री को पूरा मुआवजा देने का आदेश दिया है. लेकिन अब यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में जा चुका है. रेलवे विभाग का कहना है कि यात्री की फ्लाइट छुटने और ट्रेन का 4 घंटे लेट होने, इन बातों से रेलवे की सेवा में कमी नहीं बताई जा सकती. और इसी के साथ अदालत ने ट्रेन के 4 घंटे लेट होने की सही वजह बताने के लिए कहा है. अदालत द्वारा पूछे गए सवालों को सही साबित करने, में भारतीय रेलवे विभाग असफल रहा. 4 घंटे ट्रेन लेट होने की वजह से यात्री को बहुत बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ा है,


इस बात को देखते हुए सरकार ने भारतीय रेलवे विभाग को यात्री को ₹30000 मुआवजा देने का आदेश दिया है. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे विभाग को यह निर्देश भी दिए हैं कि इस तरह की गलती आज के बाद नहीं होनी चाहिए. ट्रेन के लेट होने से यात्री को बहुत बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने उस यात्री को ₹5000 मानसिक पीड़ा का सामना करने के लिए भी दिए हैं.

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