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Sanjay Dutt ने अपनी दिवंगत मां Nargis Dutt की पुण्यतिथि पर शेयर की थ्रोबैक फोटो, लिखा- मैं आपको बहुत याद करता हूं

नरगिस दत्त की 3 मई को 39वीं पुण्यतिथि थी,वह हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में से एक थीं,उन्होंने अपने अभिनय से लाखों दर्शकों के दिलों पर जगह बनाई,नरगिस के बेटे बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त हैं,मां की 39वीं पुण्यतिथि पर संजय दत्त ने नरगिस दत्त को याद किया,साथ ही उन्होंने अपनी मां के लिए एक भावुक पोस्ट लिखा है,संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर बेहद खास तस्वीर साझा कर नरगिस को श्रद्धांजलि दी है,संजय दत्त ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर मां नरगिस के साथ अपनी एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की है,इस तस्वीर में संजय दत्त काफी यंग नजर आ रहे हैं,नरगिस दत्त के साथ साझा की गई इस तस्वीर पर संजय दत्त ने उनके लिए बेहद खास कैप्शन भी लिखा, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है.

संजय दत्त ने तस्वीर के कैप्शन में लिखा, ‘हमको छोड़कर गए आपको 39 साल हो चुके हैं लेकिन मुझे पता है आप आज भी मेरे साथ हैं,काश आप आज और हर दिन यहां मेरे साथ होतीं,मैं आपको हर दिन याद करता हूं और आपसे बहुत प्यार करता हूं मां” सोशल मीडिया पर मां नरगिस के लिए लिखा संजय दत्त का ये संदेश काफी वायरल हो रहा है,कई सोशल मीडिया यूजर्स और उनके फैंस इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

 

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हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अदाकारा नरगिस दत्त का निधन 3 मई साल 1981 को हुआ था,नरगिस ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया था,उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1935 में बतौर बाल कलाकार फिल्म तलाश-ए-हक से की थी,हिंदी सिनेमा की सदाबहार फिल्म ‘मदर इंडिया’ में उन्होंने 28 साल की उम्र में बुजुर्ग महिला का किरदार निभाया जिसको खूब सराहा गया.

नरगिस की फिल्म ‘मदर इंडिया’ को साल 1958 में ऑस्कर के लिए भी नामांकित किया गया था,चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस नरगिस की इच्छा एक डॉक्टर बनने की थी.नरगिस ने राज कपूर के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया और फिर मार्च 1958 में नरगिस ने दिग्गज कलाकार सुनील दत्त से शादी कर ली.सुनील दत्त भी अपने समय के शानदार अभिनेताओं में से एक रहे थे.

संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने अपनी मां का उनके नाम आखिरी संदेश सुना था, तो वह फूट-फूटकर रोए थे और उसके बाद उनकी पूरी पर्सनैलिटी ही बदल गई,नरगिस ने अपने संदेश में वो बातें कहीं, जो हर व्यक्ति को सफल और खुशहाल जीवन जीने के लिए अपने व्यक्तित्व में जरूर शामिल करना चाहिए,नरगिस दत्त एक ऐसा नाम है, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा.यह अदाकारा न सिर्फ बॉलिवुल लेजंड बल्कि एक ऐसी इंसान थीं, जिनकी व्यक्तित्व से दूसरे भी सीख लेते थे,बीमारी के चलते जब नरगिस दुनिया को अलविदा कह गईं, तो उससे पहले वह अपने बेटे संजय दत्त के नाम आखिरी पैगाम भी छोड़ गईं, जिसमें उन्होंने उन बातों की सीख दी, जो एक अच्छा इंसान बनने के लिए बेहद जरूरी हैं,चलिए जानते हैं इन बातों के बारे में:

 

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नरगिस ने संजय को ‘हमेशा विनम्र बने रहने’ के लिए कहा। ऐसे लोग जो भले ही सफल हों, लेकिन उनमें विनम्रता न हो, तो उनके आस-पास शुभचिंतक कम हो जाते हैं। जब ऐसा होता है, तब व्यक्ति की जिंदगी में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ जाती है, जो उसके लिए बुरा चाहते हैं, इस नेगेटिव छवि की वजह से व्यक्ति जब मुश्किल समय में फंसता है, तो उसे सहारा देने वाला भी कोई नहीं रह जाता.

सफल होने का यह बिल्कुल भी अर्थ नहीं है कि शो-ऑफ करें,ऐसा करने पर दूसरे लोग चिढ़ने लग जाते हैं और दूरी बनाना शुरू कर देते हैं,दोस्त और चाहने वाले तक पर्सनैलिटी के इस दोष के कारण ज्यादा दिन तक व्यक्ति के साथ नहीं टिकते,परिवार वाले तक इस तरह के इंसान को अवॉइड करना ही बेहतर समझते हैं,वहीं सादगी से जीवन जीने पर व्यक्ति हमेशा अपनों के दिल में जगह बनाए रखता है,यह उसे प्यार के साथ ही सम्मान भी दिलाता है, जिससे उसका जीवन खुशी से भरा रहता है.

भारत में हर घर में बच्चों को बड़ों का सम्मान करना सिखाया जाता है.चाहे व्यक्ति अमीर हो या फिर गरीब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर वह उम्र में बड़ा है, तो उससे सम्मान से ही पेश आया जाना चाहिए,नरगिस की सिखाई हर बात में से इस बात पर भी संजय दत्त हमेशा अमल करते हैं,यंग ऐज में भले ही उन्हें रिबेल कहा जाता था, लेकिन मां के मेसेज को सुनने के बाद में वह इतना बदल गए कि बड़े क्या बल्कि वह तो अपने से उम्र में छोटे व्यक्ति के साथ भी स्नेह और सम्मान से पेश आते हैं.

चरित्र ऐसी चीज है, जिस पर एक बार उंगली उठी, तो उसका खामियाजा जिंदगीभर भुगतना पड़ सकता है,जरूरी है कि ऐसा कोई काम न किया जाए, जिससे इस पर सवाल उठे,अगर कोई इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, तो उस स्थिति में व्यक्ति को इसे बचाने के लिए हर संभव चीज करना चाहिए,कैरेक्टर ही व्यक्ति की असली पहचान होता है, इसे खोना उसके जीवन को ही खोखला बना सकता है.

SORCE

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