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4 दिन तक जब धर्मेन्द्र रहे थे रोते, सुनील दत्त ने सनी देओल के पिता को कुछ ऐसे था संभाला

अपने दौर के सुपरहिट अभिनेता धर्मेंद्र जिन्होंने फिल्म शोले में एक्शन और फिल्म चुपके चुपके में कॉमेडी करके करोड़ों लोगों का दिल जीता. धर्मेंद्र एक बहुत अच्छी अभिनेता के साथ बहुत इमोशनल इंसान है. जब भी वह किसी को परेशान और दुखी देखते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाते हैं. पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनको अपना दोस्त मानती है. लेकिन धर्मेंद्र सबसे ज्यादा ट्रेजेडी मैन दिलीप कुमार और संजू बाबा यानी कि संजय दत्त के पिता सुनील दत्त के बहुत क्लोज है.इस आर्टिकल के जरिए अभिनेता धर्मेंद्र के उन किस्सों के बारे में बताने जा रहे हैं,


जिनकी वजह से उनकी आंखों में आंसू आ गए. इस हालात में धर्मेंद्र को उनके दोस्त सुनील दत्त ने संभाला. सुनील दत्त, धर्मेंद्र की पूरी फैमिली के साथ बहुत अच्छी बॉन्डिंग है.धर्मेंद्र अभिनय की पाठशाला माने जाने वाले ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार के अभिनय से इतने प्रभावित हुए.कि धर्मेंद्र ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया. धर्मेंद्र, दिलीप कुमार को अपने बड़े भाई के समान मानते थे. दिलीप कुमार और सुनील दत्त ने ही धर्मेंद्र को फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने में सहायता की.

आपकी जानकारी के लिए बता दें धर्मेंद्र ने ज़ब पहली बार फिल्म फेयर के कांटेसट के लिए अपनी फोटो भेज मुंबई भेजी. धर्मेंद्र की फोटो का चयन सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस ने किया था. एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता धर्मेंद्र ने बताया था. मैं अपनी सभी बातें सुनील दत्त के साथ बड़े आराम से शेयर करता था. मैं उन्हें अपना भाई और दोस्त मानता हूं. जब मैं अपनी पर्सनल एंड प्रोफेशनल लाइफ के कारण पूरी तरह से टूट चुका था. तब मैंने अपना दर्द सिर्फ सुनील दत्त को बताया और मेरे आंखों से आंसू ही नहीं रुक रहे थे. मैं अपने पिता को कहने में असमर्थ था. उस समय मुझे एक भाई और दोस्त की जरूरत है.

और एक भाई की कमी सुनील दत्त ने पूरी की. मेरी लाइफ में एक बार ऐसा समय आया जिसकी वजह से मैं पूरी तरह से टूट चुका था. सुनील दत्त उस समय गोवा में थे और अपना दर्द और समस्या बताने के लिए सुनील दत्त के पास जा पहुंचा. मैं 4 दिनों तक रोता रहा और इन 4 दिनों तक सुनील दत्त ने एक बच्चे की तरह मेरी ध्यान रखा. मुझे समझने की कोशिश की और मेरी समस्याओं का समाधान भी किया. मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं कि मुझे सुनील दत्त जैसा दोस्त मिला है. मैं सिर्फ उन्हें अपना दोस्त ही नहीं मानता वह मेरे लिए बड़े भाई के समान है.


दिलीप कुमार के अचानक किस तरह अचानक चले जाने से मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं. मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया है. दिलीप कुमार मेरे गुरु जैसे हैं मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. फिल्म इंडस्ट्री में आने की प्रेरणा मुझे दिलीप कुमार से ही मिली. दिलीप कुमार ने अपने अभिनय से लाखों लोगों को प्रेरित किया. जब भी मैं उनके साथ बिताए गए पलों के बारे में सोचता हूं तो मेरे आंखों में से आंसू आ जाते हैं. मैं उन्हें बहुत याद करता हूं और हमेशा याद करता रहूंगा.

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