सूरत के हीरा कारोबार के घर स्थापित है1 हजार करोड़ के गणपति ,हीरे से बनी है गणेश जी की प्रतिमा

भगवान गणेश का उत्सव प्रारंभ हो चुका है,10 दिनों के इस उत्सव में भक्त बप्पा की विधि विधान से स्थापना करते हुए पूजा करते हैं.इस दौरान बप्पा की भव्य, सुंदर और मनमोहक प्रतिमाओं के दर्शन करने को मिलते हैं लेकिन क्या आप बप्पा की ऐसी प्रतिमा के बारे में जानते हैं जिसका मूल्य 600 करोड़ रुपये है. इस मूर्ति के बारे में दावे तो यहां तक किए गए हैं कि इसकी कीमत बेशकीमती हीरे कोहिनूर से भी अधिक है.तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है. गणपति की इस अनोखी प्रतिमा के पीछे की दिलचस्प कहानी और कहां विराजते हैं डायमंड के गणेश..

भारत के राज्य गुजरात का शहर सूरत हीरा नगरी के रूप में विख्यात है.सूरत में ज्यादातर सूती वस्त्र और हीरे का व्यापार होता है इसलिए इसे हीरे की नगरी भी कहा जाता हैं.शहर में बड़े-बड़े हीरा व्यापारी हैं,इन व्यापारियों के पास बेशकीमती हीरे होना आम बात है.गणेश जी की अनोखी और अद्भुत प्रतिमा सूरत के प्रसिद्ध हीरा व्यापारी कनुभाई आसोदरिया के घर पर है.उनके पास गणेश भगवान की प्रतिमा के रूप में, एक कच्चा हीरा है जो शुद्धता में 182.3 कैरेट का है और वजन 36.5 ग्राम है.बाजार मूल्य के हिसाब से हीरे की कीमत 600 करोड़ रुपये बताई जाती है.

हीरे के इस गणेश जी की जो सबसे बड़ी विशेषता है कि यह प्राकृतिक प्रतिमा है अर्थात किसी ने इसे बनाया नहीं है.इसका स्वरूप प्राकृतिक रूप से ही गणेश जी के समान है.इस पर किसी तरह की कोई कारीगरी नहीं की गई है न काम किया गया है, जिसका प्रमाण हीरे की विश्वव्यापी संस्था भी दे चुकी है.संस्था ने माना है कि इस हीरे से कोई छेड़-छाड़ नहीं की गई है बल्कि इसका आकार कुदरती है.प्राकृतिक रूप से इस हीरे का स्वरूप गणपति के आकार का दिखाई देता है.

आसोदरिया परिवार के अनुसार, भगवान गणेशजी के आकार का यह बड़ा डायमंड, बेल्जियम से आए कच्चे हीरों की खेप में मिला था.जब इस हीरे में गणेश जी की छवि प्रतीत हुई तो परिवार के लोग यह देखकर काफी आश्चर्यचकित हुए.फिर भगवान की इस प्रतिमा को घर के मंदिर में रख दिया गया। प्रतिदिन यहां भगवान की विधि विधान से पूजा अर्चना होती है.

आसोदरिया परिवार का विश्वास है कि इस तरह साक्षात गणपति बप्पा ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया है.कनुभाई का दावा है कि उनके पिता के सपने में दर्शन देने के बाद भगवान गणेश उनके घर आए थे और यह अपने आप में दुनिया का इकलौता हीरा है, दुनिया में इस तरह का कोई दूसरा कोई हीरा नहीं है.

आसोदरिया परिवार के अनुसार अगर सरकार इसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ले तो वह इस अनोखी प्रतिमा को सभी के दर्शन के लिए पेश कर सकते हैं क्योंकि सार्वजानिक रूप से पूजा पाठ करने के लिए सरकार और पुलिस का सहयोग बहुत जरूरी है. साथ ही कि डायमंड गणेश की यह आकृति मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी रखी जा चुकी है वहां के पुजारियों और भक्तों ने भी इसके दर्शन किए हैं.यही नहीं देश-विदेश की कई जानी मानी हस्तियां इन 600 करोड़ रुपए के गणेश जी के दर्शन के लिए सूरत आ चुकी हैं.

गणेश भगवान के आकार के डायमंड की कीमत बेशकीमती हीरे कोहिनूर से कहीं अधिक बताई जा रही है.एक तरफ कोहिनूर ही का वजन 105 कैरेट है वहीं इस गणेश रूपी हीरे का वजन 182 कैरेट 53 सेंट है। वैसे तो आस्था की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती और आस्था की दृष्टि से भगवान की मिट्टी की मूर्ति और हीरे की इस प्रतिमा एक समान है. हालांकि हीरे के इन गणेशजी को खरीदने के लिए आसोदरिया परिवार को 600 करोड़ रुपये तक के ऑफर मिल चुके हैं, पर आसोदरिया परिवार इन्हें बेचना नहीं चाहता है.

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