हरियाणवी बोली में छपा शादी का कार्ड, ‘छौरा-छौरी’ के नाम के साथ बताया ‘खाने पै टूट पड़न का टेम!’

दोस्तों शादी का सीजन शुरू हो चूका है इसलिए पूरी शादी के विडिओ और कार्ड फोटोज वायरल होने लगी है इसी बिच हरियाणवी में छपा 2015 का एक शादी का कार्ड इनदिनों सोशल मिडिया पर खूब वायरल हो रहा है.लोग अपने प्रियजनों के विवाह की तैयारी में लगे हुए हैं. शादियों में काफी चीजों की तैयारी करनी पड़ती है, कपड़े, शगुन के सामान, खाना-पीना, बैंड-बाजे से लेकर शादी के कार्ड तक लोगों को बहुत चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. शादी में छपने वाला कार्ड भी काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वो पहली चीज है जो लोग शादी से जुड़ी देखते हैं. ऐसे में कार्ड को काफी देख-परखकर चुना जाता है और उसमें लिखवाई जाने वाली चीजों का भी ध्यान दिया जाता है.

भारत में शादी के कार्ड आमतौर पर हिन्दी या इंग्लिश में छपते हैं. बहुत से लोग प्रांतिय भाषाओं का भी इस्तेमाल करते हैं, जैसे बंगाल में बंगाली भाषा में कार्ड छपते हैं तो दक्षिण भारत में वहां की भाषा में छपते हैं पर क्या आपने कभी छेत्रीय बोलियों में छपे कार्ड देखे हैं? सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक कार्ड चर्चा में है जो हरियाणवी बोली में छपा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पिनट्रेस्ट पर Shailendra Tokas नाम के शख्स ने इस कार्ड को शेयर किया है.ये कार्ड साल 2015 का है.

पर मजेदार बात ये है कि ये हरियाणवी बोली में छपा है. दूल्हा और दुल्हन के नाम के आगे ‘छौरा और छौरी’ लिखा हुआ है. दूल्हे का नाम सुनील है और दुल्हन का नाम आरती है. कार्ड की शुरुआत में लिखा है- “बड़े चाव ते न्यौंदा देरे, सब काम छोड के आणा होगा.” नामों के नीचे लिखा है- दूल्हा-दुल्हन का शुभ विवाह टेक दिया है. अर इस खुशी के मौके पे थारा सारे कुणबे का न्यौता सै अर म्हारा सारा कुणबा थारे आण की गाम हैबतपुर जिला जीन्द में कसृनी तै कसूती अर ऐडी ठा-ठा कै बाट देखेगा.

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