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दिलीप कुमार के साथ कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाली वैजयंतीमाला का ये भावुक वीडियो देखा क्या?

गुजरे जमाने के एक्टर और बॉलीवुड में ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार का बुधवार सुबह निधन हो गया. वे 98 साल के थे. लंबे समय से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. इंडस्ट्री में दिलीप कुमार उन शख्सियतों में से एक रहे जिन्होंने अपने दम पर बॉलीवुड में जगह बनाई. अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में देने वाले दिलीप कुमार के लिए यह बात फेमस थी कि वे अपनी पसंद की ही फिल्में साइन करते थे. उनका मानना था चाहे फिल्में कम करें लेकिन ऐसी होनी चाहिए, जिससे आपका याद किया जाए.


आज दिलीप कुमार हमारे बीच नही है, सब लोग उन्हें अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इन सब के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा, जिसने देखकर हर कोई भावुक हो रहा हैं. ये वीडियो क्लिप है गुजरे दौर की अदाकारा वेटरन एक्ट्रेस वैजयंतीमाला का. इस वीडियो में वैजयंतीमाला कई फिल्मों में अपने को-स्टार रहे दिलीप कुमार के बारे में बात कर रही हैं. मीडिया रिपोर्ट अनुसार वे बताती हैं कि दिलीप कुमार से उनके घरेलू संबंध थे. उन दोनों ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया था. ऐसे में दिलीप साब के गुज़रने की खबर ने उन्हें तोड़कर रख दिया है.


वैजयन्ती माला की जोड़ी दिलीप कुमार के साथ ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन खूब सराही गई. कहते हैं, एक वक्त था जब दिलीप कुमार वैजयन्ती माला के इश्क में दीवाने थे. उनकी जोड़ी पहली बार परदे पर 1955 की फिल्म ‘देवदास’ में दिखाई पड़ी. इस फिल्म में दिलीप कुमार ने देवदास और वैजयन्ती मालाने चंद्रमुखी की भूमिका निभाई थी. देवदास ने वैजयन्ती के काम की इतनी तारीफ कर दी कि फिल्म की हीरोइन सुचित्रा सेन जो पारो बनी थीं, उनसे नाराज हो गई थीं. इस फिल्म के लिए जब वैजयन्ती माला को सर्वश्रेष्ठ सह कलाकार का अवार्ड मिला तो उन्होंने अवार्ड लेने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि फिल्म में वो साइड हीरोइन नहीं, बल्कि सुचित्रा सेन की तरह हीरोइन थीं.


इसके बाद दिलीप कुमार ने बीआर चोपड़ा के बैनर में बनने वाली अगली फिल्म ‘नया दौर’ के लिए वैजयन्ती माला के नाम की शिफारिश की. दिलीप कुमार और वैजयन्ती माला को जानने वाले बताते थे कि दोनों की बात शादी तक पहुंच गई थी. एक के बाद एक उनकी कई हिट फिल्में आईं, जैसे- ‘मधुमति’, ‘पैगाम’, ‘गंगा जमुना’.1968 में आई हरनाम सिंह रवैल डायरेक्टेड ‘संघर्ष’ दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला की एक साथ आखिरी फिल्म रही. इनकी जोड़ी को परदे पर खूब पसंद किया जाता था. इसलिए इनकी साथ में की सातों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही थीं.


अपने इस वीडियो में वैजयंतीमाला कहती हैं कि सायरा बानो, उनकी और दिलीप कुमार की जोड़ी को ‘बेस्ट टीम’ कहती हैं.1961 में आई ‘गंगा जमुना’ वो इकलौती फिल्म रही, जिसे दिलीप कुमार ने लिखा और प्रोड्यूस किया था. कहा तो ये भी जाता है कि इस फिल्म को दिलीप साब ने ही घोस्ट डायरेक्ट किया था. मगर डायरेक्टर की तख्ती पर नाम नितिन बोस का लिखा गया. घोस्ट डायरेक्शन उसे कहते हैं, जब कोई व्यक्ति खुद फिल्म डायरेक्ट करे. मगर उसका क्रेडिट किसी और को दे दे.ये फिल्म गंगा और जमुना नाम के दो भाइयों की कहानी थी. जिसमें गंगा डकैत बन जाता है और जमुना पुलिस ऑफिसर. फिल्म में दिलीप कुमार ने डकैती का गलत इल्ज़ाम झेल रहे लड़के गंगा का रोल किया था.

वैजयंतीमाला ने फिल्म में धन्नो नाम की एक लोकल लड़की का रोल किया था, जिसकी वजह से गंगा पर डकैती का इल्ज़ाम लग जाता है. इस फिल्म के किस सीन में वैजयंतीमाला किस रंग की साड़ी पहनेंगी, इसका चुनाव खुद दिलीप कुमार किया करते थे. दिलीप कुमार फिल्म को अपने हिसाब से परफेक्ट बनाने के लिए ये सब कर रहे थे. क्योंकि वो ‘गंगा जमुना’ के राइटर और प्रोड्यूसर दोनों थे. मगर उनके इस कृत्य को निजी जीवन से जोड़ दिया गया. टैबलॉइड में खबरें चलने लगीं कि दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला के बीच कुछ चल रहा है.


ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फिल्म ‘नया दौर’ के बनने के दौरान मधुबाला से दिलीप कुमार का ब्रेक अप हुआ था. ये घटना काफी पब्लिकली हुई थी, इसलिए इस पर खूब बात हुई. मधुबाला के बाद ‘नया दौर’ के लिए वैजयंतीमाला को साइन कर लिया गया. तिस पर ‘गंगा जमुना’ में वैजयंतीमाला के लिए दिलीप कुमार के साड़ी चुनने को अलग रंग दे दिया गया. इन अटकलों पर विराम तब लगा, जब 1966 में दिलीप कुमार ने सायरा बानो से शादी कर ली. अपने वीडियो में वैजयंतीमाला बताती हैं कि वो जब भी मुंबई आती थीं, सायरा बानो उन्हें कार भेजकर अपने घर बुलवाती थीं. दिलीप कुमार और सायरा बानो, दोनों से ही उनके काफी घनिष्ठ संबंध थे. साल 1957 में आई फिल्‍म ‘नया दौर’ दिलीप कुमार और वैजयंती माला पर फिल्‍माई गई पहली क्‍लासिक फिल्‍म थी. फिल्‍म की कहानी आदमी और मशीन के संघर्ष पर आधारित थी। यह फिल्‍म उस जमाने की सबसे सफल फिल्‍मों में से एक थी. इस फिल्‍म के दो गाने ‘मांग के साथ तुम्‍हारा’ और ‘उड़े जब जब जुल्‍फें तेरी’ आज भी लोकप्रिय है ।

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